ईरान की ‘हाई-टेक’ सैन्य तैयारी: महायुद्ध की आहट के बीच तकनीक बना ईरान का सबसे बड़ा हथियार

डिजिटल और हाई-टेक युद्ध की ओर बढ़ता ईरान

वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की परिभाषा पूरी तरह बदल चुकी है। अब जंग के मैदान में केवल सैनिकों की संख्या मायने नहीं रखती, बल्कि तकनीक की श्रेष्ठता जीत का आधार बनती है। ईरान, जो लंबे समय से पश्चिमी देशों के आर्थिक और सैन्य प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, अब अपनी सैन्य शक्ति को ‘हाई-टेक’ बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और स्वदेशी संसाधनों का सहारा ले रहा है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की यह तैयारी दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

ड्रोन तकनीक और यूएवी (UAV) का वर्चस्व

ईरान ने हाल के वर्षों में ड्रोन तकनीक में जबरदस्त प्रगति की है। ईरान के ‘शाहिद’ श्रेणी के ड्रोन्स ने अपनी मारक क्षमता और सटीक निशाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं। ये हाई-टेक ड्रोन्स न केवल रडार की नजर से बचने में सक्षम हैं, बल्कि ये झुंड (Swarm) में हमला करके दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त कर सकते हैं। ईरान अब इन ड्रोन्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर रहा है, जिससे ये बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के खुद अपना लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं।

साइबर वॉरफेयर: ईरान की डिजिटल सेना

शारीरिक युद्ध के साथ-साथ ईरान ने साइबर स्पेस में भी अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। ईरान के पास एक विशाल और संगठित साइबर सेना है, जो दुश्मन देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जैसे पावर ग्रिड, बैंकिंग सिस्टम और सैन्य संचार को ठप करने की क्षमता रखती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का साइबर विंग भविष्य के किसी भी बड़े संघर्ष में ‘प्रथम प्रहार’ (First Strike) के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जो युद्ध शुरू होने से पहले ही दुश्मन को पंगु बना देगा।

मिसाइल प्रणालियों में एआई और ऑटोमेशन

ईरान की मिसाइल तकनीक अब पारंपरिक से हटकर अधिक सटीक और विनाशकारी हो गई है। ईरान अपनी बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों में उन्नत सेंसर और नेविगेशन सिस्टम का उपयोग कर रहा है। ऑटोमेशन के जरिए इन मिसाइलों की लॉन्चिंग प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है, जिससे दुश्मन को प्रतिक्रिया देने का समय बहुत कम मिलता है। ईरान का यह तकनीकी विकास न केवल उसकी रक्षा पंक्ति को मजबूत करता है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व के शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर रहा है।

Leave a Comment