क्या शुरू होने वाला है महायुद्ध? देखें कैसे ‘High-Tech’ हथियारों से दुनिया को दहलाने की तैयारी में है ईरान!

मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और इजरायल के साथ जारी तनातनी के बीच पूरी दुनिया की नजरें ईरान पर टिकी हैं। हालिया रिपोर्टों और सैन्य गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि ईरान किसी भी बड़े टकराव के लिए अपनी पारंपरिक सैन्य शक्ति को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ रहा है। जिसे विशेषज्ञों द्वारा ‘हाई-टेक’ जंग की तैयारी कहा जा रहा है, वह न केवल क्षेत्र के समीकरण बदल सकती है, बल्कि भविष्य के युद्धों की एक नई तस्वीर भी पेश कर सकती है।

ईरान की ‘हाई-टेक’ जंग की रणनीति

ईरान ने पिछले कुछ वर्षों में अपने रक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा तकनीकी अनुसंधान और विकास (R&D) पर खर्च किया है। आज के समय में युद्ध केवल जमीन पर सैनिकों के बीच नहीं, बल्कि हवा में ड्रोन्स और साइबर स्पेस में डेटा के माध्यम से लड़े जाते हैं। ईरान इसी दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। उसकी रणनीति में निम्नलिखित मुख्य बिंदु शामिल हैं:

  • घातक ड्रोन तकनीक: ईरान ने ‘शाहिद’ (Shahed) सीरीज जैसे आत्मघाती ड्रोन विकसित किए हैं, जो कम लागत में दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में सक्षम हैं।
  • इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर: ईरान अपने दुश्मन के संचार तंत्र (Communication System) को जाम करने और उनके जीपीएस सिग्नल्स को बाधित करने के लिए आधुनिक जैमर्स का उपयोग कर रहा है।
  • अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी: ईरान ने पहाड़ों के नीचे विशाल ‘मिसाइल शहर’ बनाए हैं, जहाँ से हाई-टेक मिसाइलों को लॉन्च करना और उन्हें सुरक्षित रखना आसान है।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): सैन्य निगरानी और लक्ष्य साधने के लिए ईरान अब एआई-आधारित सिस्टम का परीक्षण कर रहा है, जो सटीक हमले करने में मदद करते हैं।

साइबर वॉरफेयर: पर्दे के पीछे की असली लड़ाई

ईरान केवल मिसाइलों और ड्रोन्स तक सीमित नहीं है। वह साइबर हमलों के मामले में दुनिया के सबसे सक्रिय देशों में से एक बनकर उभरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महायुद्ध की स्थिति में ईरान दुश्मन देश के पावर ग्रिड, बैंकिंग सिस्टम और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए अपनी साइबर सेना का उपयोग कर सकता है। यह ‘साइलेंट वॉर’ पारंपरिक युद्ध से भी अधिक विनाशकारी साबित हो सकती है।

इजरायल और अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती

ईरान की इन तैयारियों ने इजरायल और अमेरिका जैसे देशों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान की हाई-टेक तैयारी का मुकाबला करने के लिए ये देश भी अपनी तकनीक को अपग्रेड कर रहे हैं। हालांकि, ईरान का दावा है कि उसकी ये सभी तैयारियाँ केवल आत्मरक्षा के लिए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि हथियारों का यह जखीरा और तकनीक का तालमेल किसी भी समय एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध को महायुद्ध में बदल सकता है।

निष्कर्ष

ईरान द्वारा की जा रही ‘हाई-टेक’ जंग की तैयारी यह साफ करती है कि आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। ड्रोन, साइबर हमले और एआई का बढ़ता दखल मानवता के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर रहा है। अब देखना यह होगा कि कूटनीति इस संभावित महायुद्ध को टालने में कितनी सफल हो पाती है।

Source: Read Original

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