बरेली में 20 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर निगम का चाबुक, सील की कार्रवाई से हड़कंप

बरेली। **बरेली व्यावसायिक प्रतिष्ठानों** की बात करें तो नियमों का उल्लंघन करने वाले 20 प्रतिष्ठानों पर नगर निगम ने कड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को नगर निगम की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में अचानक छापेमारी करते हुए इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जनहित और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

**बरेली व्यावसायिक प्रतिष्ठानों** को लेकर यह अभियान काफी समय से चल रहा था, लेकिन इस बार नगर निगम ने सख्ती दिखाई है। सुबह से ही निगम की टीम शहर के प्रमुख बाजारों में पहुंच गई थी। सबसे पहले, बिना अनुमति के संचालित हो रहे या अतिक्रमण कर रहे प्रतिष्ठानों को चिन्हित किया गया। इसके बाद, टीम ने विधिवत सीलिंग की कार्रवाई शुरू की। सूत्रों के अनुसार, जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया है, उनमें बड़े शोरूम से लेकर छोटे दुकानदारों तक शामिल हैं।

**नगर निगम की कार्रवाई का मुख्य कारण**

नगर निगम की इस कार्रवाई के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं:

  • अवैध निर्माण और अतिक्रमण: कई प्रतिष्ठानों द्वारा सड़क या सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था।
  • बिना अनुमति के संचालन: कुछ प्रतिष्ठान बिना आवश्यक लाइसेंस या अनुमति के चल रहे थे।
  • नियमों का उल्लंघन: अन्य व्यावसायिक नियमों का पालन न करना भी एक कारण रहा।
  • जनता की शिकायतें: आम नागरिकों द्वारा लगातार आ रही शिकायतों पर भी निगम ने संज्ञान लिया।

**किन इलाकों में हुई कार्रवाई?**

बरेली के कई मुख्य इलाकों में इस सीलिंग अभियान को अंजाम दिया गया। इनमें:

  • शहर के व्यस्ततम बाजार जैसे आलमगिरीगंज, कोतवाली क्षेत्र, और स्टेशन रोड शामिल हैं।
  • कुछ रिहायशी इलाकों में भी ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान थे जो नियमों का पालन नहीं कर रहे थे, उन पर भी कार्रवाई हुई।
  • नए विकसित हो रहे व्यावसायिक क्षेत्रों में भी निगम की नजर रही।

**व्यापारियों की प्रतिक्रिया**

इस कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया है। एक ओर जहां कुछ व्यापारी नगर निगम के फैसले का स्वागत कर रहे हैं और इसे नियमों के अनुपालन के लिए आवश्यक बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई व्यापारी इससे नाराज़ हैं। उनका कहना है कि उन्हें पहले चेतावनी दी जानी चाहिए थी या सुधार का मौका दिया जाना चाहिए था। आलमगिरीगंज के एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हम सालों से यहां व्यापार कर रहे हैं, अचानक आकर सील कर देना ठीक नहीं है। इससे हमारा व्यापार ठप हो गया है।”” दूसरे व्यापारी का कहना है कि यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की गई है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है।

**भविष्य में क्या हो सकता है?**

नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने सभी **बरेली व्यावसायिक प्रतिष्ठानों** से आग्रह किया है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार के अवैध कार्य से बचें। निगम का मानना है कि इससे शहर के व्यवस्थित विकास में मदद मिलेगी और आम नागरिकों को भी सुविधा होगी।

**अधिकारियों का पक्ष**

नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है, बल्कि शहर को बेहतर बनाना है। जो भी प्रतिष्ठान नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। हम व्यापारियों से सहयोग की उम्मीद करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सील किए गए प्रतिष्ठानों को तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक कि वे सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं कर लेते और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं कर देते।

**आगे की राह**

यह घटना **बरेली व्यावसायिक प्रतिष्ठानों** के लिए एक चेतावनी है। सभी व्यापारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने प्रतिष्ठानों के संबंध में सभी सरकारी नियमों और विनियमों की जानकारी रखें और उनका पालन करें। अवैध निर्माण, अतिक्रमण, या बिना अनुमति के संचालन से बचें। यदि आपको किसी भी नियम के बारे में संदेह है, तो संबंधित सरकारी विभाग से संपर्क करें। इससे भविष्य में होने वाली किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सकता है और अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाया जा सकता है। नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का पालन न करने वाले किसी भी **बरेली व्यावसायिक प्रतिष्ठान** को बख्शा नहीं जाएगा।

इस तरह की कार्रवाई से शहर के विकास को गति मिलती है और व्यवस्थाएं सुधरती हैं। हालांकि, व्यापारियों को भी इस प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए ताकि एक सकारात्मक माहौल बना रहे।

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