हाईटेक लैब अब आईटीआई बरारी (भागलपुर) के कैंपस में हकीकत बनने जा रही है। बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग ने राज्य के युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और ऑटोमोबाइल सेक्टर की बारीकियों से रूबरू कराने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। हिंदुस्तान समाचार के अनुसार, भागलपुर के बरारी स्थित सरकारी आईटीआई में इस हाईटेक लैब की स्थापना से न केवल स्थानीय छात्रों को लाभ होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के तकनीकी कौशल विकास (Skill Development) को एक नई दिशा मिलेगी।
आज के समय में जब पूरी दुनिया ‘Industry 4.0’ की ओर बढ़ रही है, पारंपरिक कोर्सेज के साथ-साथ आधुनिक मशीनों पर व्यावहारिक ज्ञान होना अनिवार्य हो गया है। आईटीआई बरारी में बनने वाली यह प्रयोगशाला विशेष रूप से ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स, और इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल (EV) टेक्नोलॉजी पर केंद्रित होगी।
हाईटेक लैब की मुख्य विशेषताएं और महत्व
हाईटेक लैब का मुख्य उद्देश्य छात्रों को किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर उन्हें वास्तविक मशीनों और सॉफ्टवेयर पर काम करने का अनुभव प्रदान करना है। इस लैब के माध्यम से टाटा टेक्नोलॉजीज (Tata Technologies) जैसी दिग्गज कंपनियों के सहयोग से छात्रों को वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग दी जाएगी। लैब में अत्याधुनिक उपकरण, 3D प्रिंटिंग मशीनें, और ऑटोमोबाइल डायग्नोस्टिक टूल्स लगाए जाएंगे।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों का बोलबाला बढ़ रहा है। ऐसे में आईटीआई के छात्रों को पेट्रोल और डीजल इंजन के साथ-साथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और इलेक्ट्रिक मोटर्स की रिपेयरिंग और मेंटेनेंस सिखाई जाएगी। यह लैब केवल एक कमरा नहीं, बल्कि एक आधुनिक वर्कशॉप होगी जहां छात्र प्रोटोटाइप डिजाइन करना भी सीखेंगे।
प्रशिक्षण के नए आयाम और कोर्सेज
इस पहल के तहत कई नए शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म कोर्सेज शुरू किए जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं:
- एडवांस्ड ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग: आधुनिक सेंसर्स और ईसीयू (ECU) मैपिंग की जानकारी।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल मेंटेनेंस: ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और लिथियम-आयन बैटरी की सर्विसिंग।
- इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स: ऑटोमोबाइल असेंबली लाइन में रोबोट का उपयोग।
- CAD/CAM डिजाइन: गाड़ियों के पुर्जों की कंप्यूटर एडेड डिजाइनिंग।
बिहार में तकनीकी क्रांति का आगाज
बिहार सरकार ने राज्य के कई आईटीआई संस्थानों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (Center of Excellence) के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। बरारी आईटीआई इसी कड़ी का एक हिस्सा है। यहाँ के छात्रों को अब ट्रेनिंग के लिए दिल्ली, बेंगलुरु या पुणे जैसे बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना होगा। हाईटेक लैब की स्थापना से स्थानीय स्तर पर ही कुशल कार्यबल (Skilled Workforce) तैयार होगा, जिससे क्षेत्र में नए स्टार्टअप्स और सर्विस सेंटर्स खुलने की संभावना बढ़ेगी।
| विशेषता (Features) | पारंपरिक लैब (Traditional Lab) | हाईटेक लैब (High-Tech Lab) |
|---|---|---|
| उपकरण (Equipment) | पुराने इंजन और मैनुअल टूल्स | सेंसर्स, रोबोटिक्स और ऑटोमैटिक मशीनें |
| तकनीक (Technology) | सिर्फ पेट्रोल/डीजल इंजन | EV, हाइब्रिड और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स |
| डिजाइनिंग (Designing) | पेपर ड्राइंग | 3D सॉफ्टवेयर और 3D प्रिंटिंग |
| रोजगार क्षमता (Placement) | सीमित अवसर | टॉप मल्टीनेशनल कंपनियों में मांग |
| सॉफ्टवेयर (Software) | अनुपलब्ध | डिजिटल ट्विन और सिमुलेशन टूल्स |
इस टेबल से स्पष्ट है कि हाईटेक लैब छात्रों के कौशल को किस स्तर तक ले जा सकती है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में आज जिस तरह की टेक्नोलॉजी आ रही है, उसे सीखने के लिए ऐसी लैब्स का होना बेहद जरूरी है।
रोजगार के बढ़ते अवसर
इस हाईटेक लैब का सबसे बड़ा फायदा प्लेसमेंट के क्षेत्र में देखने को मिलेगा। जब छात्र आधुनिक मशीनों पर ट्रेंड होंगे, तो मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, हुंडई और महिंद्रा जैसी बड़ी कंपनियाँ इन छात्रों को प्राथमिकता देंगी। साथ ही, बिहार में निवेश करने वाली नई कंपनियों को भी यहीं से स्किल्ड लेबर मिल सकेगा। इसके अलावा, छात्र अपना खुद का गैरेज या सर्विस सेंटर भी अधिक पेशेवर तरीके से खोल सकेंगे।
आईटीआई बरारी के प्रिंसिपल के अनुसार, इस लैब के लिए आवश्यक फंड और गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं। बहुत जल्द इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा और छात्रों के लिए बैच शुरू कर दिए जाएंगे। यह भागलपुर के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है कि वे भविष्य की तकनीक के लिए खुद को तैयार करें।
निष्कर्ष
हाईटेक लैब का आईटीआई बरारी में स्थापित होना बिहार के शैक्षणिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव है। ऑटोमोबाइल जगत में हो रहे क्रांतिकारी बदलावों को देखते हुए, यह लैब छात्रों को प्रतिस्पर्धा में आगे रखेगी। इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास में भी छात्रों का योगदान बढ़ेगा।
यदि आप एक छात्र हैं और ऑटोमोबाइल या नई तकनीक में रुचि रखते हैं, तो आईटीआई बरारी का यह नया अपडेट आपके करियर की दिशा बदल सकता है। आने वाले समय में यहाँ से निकलने वाले छात्र ‘आत्मनिर्भर बिहार’ के सपने को सच करेंगे।
