बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों एक ऐसा मुकाबला देखने को मिल रहा है जिसकी कल्पना शायद ही किसी ट्रेड एनालिस्ट ने की होगी। फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर कहा जाता है कि ‘कंटेंट इज किंग’, और इस हफ्ते के कलेक्शन ने इस बात को सच साबित कर दिया है। जहाँ एक तरफ नई रिलीज हुई फिल्मों से बड़ी उम्मीदें थीं, वहीं ‘ओ रोमियो’ जैसी फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। दूसरी ओर, सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ का जादू तो जैसे थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। 34 दिन बीत जाने के बाद भी यह फिल्म सिनेमाघरों में अपनी मौजूदगी मजबूती से दर्ज करा रही है।
Highlights: इस आर्टिकल में क्या है?
- बॉक्स ऑफिस पर ‘ओ रोमियो’ का दबदबा और नई फिल्मों की असफलता का कारण।
- ‘बॉर्डर 2’ के 34वें दिन का कलेक्शन और इसकी लंबी रेस का विश्लेषण।
- क्यों दर्शकों को लुभाने में नाकाम रहीं इस हफ्ते रिलीज हुई नई फ़िल्में?
- आने वाले दिनों में कमाई के समीकरण कैसे बदलेंगे?
बॉक्स ऑफिस पर ‘ओ रोमियो’ का जबरदस्त दांव
जब ‘ओ रोमियो’ रिलीज हुई थी, तब इसे एक डार्क हॉर्स माना जा रहा था। फिल्म की कहानी और इसके म्यूजिक ने युवाओं के बीच जो क्रेज बनाया, उसका फायदा अब सीधे तौर पर कलेक्शन में दिख रहा है। बॉक्स ऑफिस की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस फिल्म ने अपने चौथे हफ्ते में प्रवेश करने के बावजूद नई फिल्मों को कड़ी चुनौती दी है। शुक्रवार और शनिवार के कलेक्शन ने यह साफ कर दिया है कि दर्शक अब स्टार पावर से ज्यादा कहानी को तवज्जो दे रहे हैं।
‘ओ रोमियो’ की सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ इसकी ‘वर्ड ऑफ माउथ’ पब्लिसिटी है। सोशल मीडिया पर फिल्म के मीम्स और गानों ने जो माहौल बनाया, उसने सिंगल स्क्रीन से लेकर मल्टीप्लेक्स तक भीड़ जुटाने का काम किया। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म का लाइफटाइम कलेक्शन उम्मीद से कहीं ज्यादा होने वाला है।
नई फिल्मों का फीका आगाज
इस शुक्रवार को रिलीज हुई दो नई फिल्मों से काफी उम्मीदें थीं। बड़े प्रोड्यूसर्स और अच्छे प्रमोशन के बावजूद, ये फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर वह गर्माहट पैदा नहीं कर पाईं जिसकी उम्मीद की जा रही थी। पहले दिन की ऑक्यूपेंसी मात्र 10-12% के करीब रही, जो फिल्म जगत के लिए चिंता का विषय है। ‘ओ रोमियो’ के सामने ये फ़िल्में चारों खाने चित्त नजर आईं। इसकी मुख्य वजह यह भी मानी जा रही है कि दर्शक फिलहाल किसी भी ऐसी फिल्म पर पैसा खर्च नहीं करना चाहते जिसमें नयापन न हो।
बॉर्डर 2: 34वें दिन भी ‘बॉर्डर’ पर डटे हैं सनी पाजी
अगर कोई फिल्म एक महीने से ज्यादा समय तक थिएटर में टिकी रहे, तो समझ जाइये कि वह सिर्फ फिल्म नहीं, इमोशन बन चुकी है। बॉक्स ऑफिस पर ‘बॉर्डर 2’ का प्रदर्शन कुछ ऐसा ही है। सनी देओल की दहाड़ और देशभक्ति का जज्बा 34वें दिन भी दर्शकों को थिएटर खींच लाने में कामयाब रहा है। 1997 की कल्ट क्लासिक का सीक्वल होने के नाते, फिल्म को जो नोस्टालजिया (Nostalgia) फैक्टर मिला, उसने आधे से ज्यादा काम कर दिया।
ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, 34वें दिन भी फिल्म ने लाखों में कमाई की है, जो कि किसी भी बड़ी ब्लॉकबस्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। फिल्म ने अब तक कई बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं और यह अब हिंदी सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में अपनी जगह पक्की कर चुकी है।
बॉक्स ऑफिस कलेक्शन टेबल: एक नजर में
| फिल्म का नाम | रिलीज का दिन/हफ्ता | ताजा कलेक्शन (अनुमानित) | कुल कलेक्शन |
|---|---|---|---|
| ओ रोमियो | तीसरा हफ्ता | ₹2.50 करोड़ | ₹55+ करोड़ |
| बॉर्डर 2 | 34वां दिन | ₹1.10 करोड़ | ₹580+ करोड़ |
| नई रिलीज 1 | पहला दिन | ₹0.80 करोड़ | ₹0.80 करोड़ |
| नई रिलीज 2 | पहला दिन | ₹0.45 करोड़ | ₹0.45 करोड़ |
क्यों पिट रही हैं नई फ़िल्में? एक गहरा विश्लेषण
आज के समय में बॉक्स ऑफिस का गणित समझना काफी पेचीदा हो गया है। ओटीटी (OTT) के दौर में दर्शक तभी घर से बाहर निकलता है जब उसे कुछ ‘लार्जर देन लाइफ’ (Larger than life) या बेहद ओरिजिनल कंटेंट देखने को मिले। इस हफ्ते जो फ़िल्में रिलीज हुईं, उनमें कहीं न कहीं घिसी-पिटी कहानियों का सहारा लिया गया था।
वहीं दूसरी तरफ, ‘ओ रोमियो’ ने यूथ को टारगेट किया और ‘बॉर्डर 2’ ने मास ऑडियंस को। जब तक फिल्ममेकर्स दर्शकों की नब्ज नहीं पहचानेंगे, तब तक नई फिल्मों का यही हाल होता रहेगा। TimesNews360 की एनालिसिस कहती है कि आने वाले हफ्तों में भी पुरानी फिल्मों का दबदबा बना रह सकता है क्योंकि फिलहाल कोई बड़ी फिल्म रिलीज की लाइन में नहीं है।
सिनेमाघरों का हाल और भविष्य की राह
मल्टीप्लेक्स मालिकों के लिए यह स्थिति मिली-जुली है। जहाँ नई फिल्मों से उन्हें घाटा हो रहा है, वहीं ‘बॉर्डर 2’ और ‘ओ रोमियो’ जैसी फ़िल्में उनकी स्क्रीन को खाली नहीं रहने दे रही हैं। बॉक्स ऑफिस पर स्टैबिलिटी लाने के लिए अब मिड-बजट फिल्मों को अपनी मार्केटिंग स्ट्रेटेजी पर दोबारा काम करना होगा।
सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ ने यह साबित कर दिया है कि अगर आप सही समय पर सही फिल्म लाते हैं, तो रिकॉर्ड खुद-ब-खुद बनते हैं। इस फिल्म के कलेक्शन की जानकारी आप Box Office India जैसी अथॉरिटी साइट्स पर भी देख सकते हैं, जहाँ इसकी ऐतिहासिक सफलता के आंकड़े दर्ज हैं।
निष्कर्ष: क्या ‘ओ रोमियो’ 100 करोड़ के क्लब में शामिल होगी?
बॉक्स ऑफिस की वर्तमान रफ्तार को देखते हुए ‘ओ रोमियो’ के लिए 100 करोड़ का आंकड़ा थोड़ा दूर लग सकता है, लेकिन यह फिल्म जिस तरह से हर दिन स्थिरता दिखा रही है, वह काबिले तारीफ है। वहीं ‘बॉर्डर 2’ अब 600 करोड़ की तरफ धीरे-धीरे बढ़ रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले शुक्रवार को आने वाली नई रिलीज इन दोनों महारथियों को हिला पाती है या नहीं।
बॉलीवुड और रीजनल सिनेमा के बीच की लकीर अब धुंधली होती जा रही है। दर्शक अब भाषा नहीं, भावना देख रहा है। यही कारण है कि ‘ओ रोमियो’ जैसा सिंपल कंटेंट भी बड़े-बड़े बजट वाली फिल्मों पर भारी पड़ रहा है। एंटरटेनमेंट की दुनिया की ऐसी ही पल-पल की अपडेट्स के लिए जुड़े रहें हमारे साथ।
डिस्क्लेमर: बॉक्स ऑफिस के ये आंकड़े ट्रेड रिपोर्ट्स और अनुमानों पर आधारित हैं। आधिकारिक आंकड़े थोड़े भिन्न हो सकते हैं।
