Highlights: इस आर्टिकल में क्या है?
- बजट 2026 में EV और हाइब्रिड कारों के लिए क्या खास है?
- पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर मिलने वाले नए फायदें।
- लिथियम-आयन बैटरी की कीमतों में संभावित गिरावट का पूरा गणित।
- इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का भारी निवेश और उसका ऑटो सेक्टर पर असर।
- आम आदमी के लिए गाड़ी खरीदना कितना आसान होगा?
बजट 2026 का इंतजार देश के हर उस व्यक्ति को था जो या तो नई गाड़ी खरीदने की प्लानिंग कर रहा है या फिर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ है। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए इस बजट ने भारतीय सड़कों की तस्वीर बदलने का एक मजबूत रोडमैप तैयार किया है। ऑटोमोबाइल सेक्टर, जो भारत की GDP में एक बड़ा हिस्सा रखता है, उसके लिए इस बार सरकार ने अपनी तिजोरी के दरवाजे खोल दिए हैं।
चाहे आप एक इलेक्ट्रिक स्कूटर (EV) खरीदने की सोच रहे हों या फिर एक दमदार SUV, बजट 2026 की घोषणाएं सीधे आपकी जेब और पसंद पर असर डालने वाली हैं। इस बार के बजट में न केवल ‘मेक इन इंडिया’ पर जोर दिया गया है, बल्कि सस्टेनेबल मोबिलिटी (Sustainable Mobility) को भी एक नई ऊंचाई पर ले जाने की कोशिश की गई है। चलिए, विस्तार से समझते हैं उन 7 बड़ी खबरों को जो ऑटो सेक्टर के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।
1. EV रिवोल्यूशन: FAME III का आगाज और भारी सब्सिडी
बजट 2026 की सबसे बड़ी खबर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) के लिए FAME-III स्कीम की शुरुआत है। पिछले कुछ समय से कयास लगाए जा रहे थे कि क्या सरकार EV पर सब्सिडी जारी रखेगी? सरकार ने न केवल सब्सिडी को बढ़ाया है, बल्कि इसके दायरे में इलेक्ट्रिक ट्रकों और बसों को भी शामिल किया है।
इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले समय में टाटा टियागो EV या MG कॉमेट जैसी गाड़ियां और भी किफायती हो सकती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक भारत की सड़कों पर 30% गाड़ियां इलेक्ट्रिक हों। इसके लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए भी अलग से फंड अलॉट किया गया है। अगर आप EV खरीदने का मन बना रहे थे, तो यह बजट आपके लिए ‘ग्रीन सिग्नल’ है।
2. लिथियम-आयन बैटरी पर कस्टम ड्यूटी में कटौती
एक इलेक्ट्रिक गाड़ी की कुल कीमत का लगभग 40-50% हिस्सा उसकी बैटरी का होता है। बजट 2026 में सरकार ने बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और लिथियम-आयन सेल्स पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को कम कर दिया है।
जब बैटरी सस्ती होगी, तो गाड़ियों की शुरुआती कीमत (Ex-showroom Price) में भारी गिरावट आएगी। इससे न केवल कंपनियां भारत में बैटरी बनाने के लिए प्रेरित होंगी, बल्कि ग्लोबल प्लेयर्स जैसे टेस्ला (Tesla) के लिए भी भारतीय मार्केट में एंट्री करना आसान हो जाएगा। TimesNews360 के विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से मिड-रेंज EV सेगमेंट में कॉम्पिटिशन बढ़ेगा, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा।
3. व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी (Vehicle Scrappage Policy) में बड़े बदलाव
सरकार पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को सड़कों से हटाना चाहती है। बजट 2026 में नई स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत ग्राहकों को ज्यादा इंसेंटिव देने की बात कही गई है। अब अगर आप अपनी 15 साल पुरानी पेट्रोल या 10 साल पुरानी डीजल गाड़ी को स्क्रैप करते हैं, तो नई गाड़ी खरीदने पर आपको रोड टैक्स में 25% तक की छूट और रजिस्ट्रेशन फीस की माफी मिल सकती है।
स्क्रैपेज पॉलिसी का गणित
| फीचर | पुरानी व्यवस्था | बजट 2026 के बाद |
|---|---|---|
| स्क्रैप वैल्यू | गाड़ी की कीमत का 4-6% | गाड़ी की कीमत का 7-9% |
| रोड टैक्स छूट | 15% तक | 25% तक |
| रजिस्ट्रेशन फीस | आंशिक छूट | 100% माफी |
4. हाईवे और एक्सप्रेस-वे के लिए रिकॉर्ड बजट
ऑटोमोबाइल सेक्टर की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करती है कि सड़कों का जाल कैसा है। बजट 2026 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को अब तक का सबसे बड़ा बजट अलॉट किया गया है। सरकार ने अगले एक साल में 12,000 किलोमीटर से ज्यादा नए नेशनल हाईवे और 5 नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने का लक्ष्य रखा है।
बेहतर सड़कों का मतलब है गाड़ियों की कम टूट-फूट, बेहतर माइलेज और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में तेजी। जब सामान एक जगह से दूसरी जगह जल्दी पहुंचेगा, तो कमर्शियल व्हीकल (Trucks/Tempos) की डिमांड बढ़ेगी, जो सीधे तौर पर अशोक लेलैंड और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों को फायदा पहुंचाएगी।
5. ग्रीन हाइड्रोजन और अल्टरनेट फ्यूल पर फोकस
भारत केवल इलेक्ट्रिक तक सीमित नहीं रहना चाहता। बजट 2026 में ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के लिए अतिरिक्त फंड की घोषणा की गई है। टोयोटा और हुंडई जैसी कंपनियां पहले से ही हाइड्रोजन कारों पर काम कर रही हैं। सरकार का यह कदम भविष्य की क्लीन एनर्जी की दिशा में एक बड़ा संकेत है। इसके अलावा, फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) इंजन वाली गाड़ियों के लिए भी टैक्स में राहत की घोषणा की गई है, जिससे एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा मिलेगा।
6. ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) और ट्रैक्टर सेल्स
भारत का ऑटो सेक्टर तब तक नहीं बढ़ सकता जब तक ग्रामीण भारत की डिमांड न बढ़े। बजट 2026 में ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी योजनाओं की घोषणा की गई है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सीधे नकद हस्तांतरण (DBT) पर जोर दिया गया है।
जब किसानों के हाथ में पैसा होगा, तो ट्रैक्टर, टू-व्हीलर और छोटे कमर्शियल व्हीकल की बिक्री में उछाल आएगा। महिंद्रा और एस्कॉर्ट्स जैसे ब्रांड्स के लिए यह बजट एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। गांव की सड़कों के सुधरने से वहां भी एंट्री-लेवल कारों (जैसे मारुति ऑल्टो या रेनॉल्ट क्विड) की मांग बढ़ेगी।
7. मिडिल क्लास के लिए टैक्स स्लैब में बदलाव
आखिर में बात आती है आपकी और हमारी ‘डिस्पोजेबल इनकम’ की। बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब में जो मामूली बदलाव किए गए हैं, उससे मिडिल क्लास के हाथ में थोड़ी ज्यादा बचत होगी। जब जेब में पैसा बचेगा, तभी लोग नई गाड़ी या अपग्रेड करने की सोचेंगे। कार लोन की ब्याज दरों को भी नियंत्रित करने के लिए रिजर्व बैंक के साथ मिलकर नई गाइडलाइंस लाने की बात कही गई है, जिससे EMI का बोझ कम होगा।
इंडस्ट्री का क्या कहना है?
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अनुसार, बजट 2026 एक विजनरी डॉक्यूमेंट है। यह केवल आज की जरूरतों को नहीं, बल्कि 2047 के विकसित भारत की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। आप इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट PIB (Press Information Bureau) की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देख सकते हैं।
निष्कर्ष: क्या आपको अभी गाड़ी खरीदनी चाहिए?
बजट 2026 के विश्लेषण से यह साफ है कि आने वाला समय ‘क्लीन और स्मार्ट मोबिलिटी’ का है। अगर आप पेट्रोल या डीजल गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं, तो स्क्रैपेज पॉलिसी का फायदा उठाना न भूलें। और अगर आपका झुकाव इलेक्ट्रिक की तरफ है, तो सब्सिडी और गिरती बैटरी की कीमतों का इंतजार करना समझदारी हो सकती है।
भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर अब केवल असेंबली हब नहीं, बल्कि एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनने की ओर अग्रसर है। सरकार की ये 7 घोषणाएं न केवल कंपनियों के शेयरों के दाम बढ़ाएंगी, बल्कि आम आदमी के सफर को भी सस्ता, सुरक्षित और सुहाना बनाएंगी।
आपकी इस बजट के बारे में क्या राय है? क्या आपको लगता है कि इस बार गाड़ियां वास्तव में सस्ती होंगी? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और ऐसी ही सटीक खबरों के लिए TimesNews360 के साथ जुड़े रहें।
