नई दिल्ली, 2 नवंबर 2026: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वोट चोरी के आरोपों को उठाते हुए कहा कि देश के संविधान और उसकी आत्मा पर हमला किया गया है।
अपने भाषण में राहुल गांधी ने अहिंसा और मोहब्बत का संदेश देते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से नफरत नहीं करते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष की लड़ाई किसी व्यक्ति से नफरत करने की नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने की है।
‘हम मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार से नफरत नहीं करते’
रामलीला मैदान में मौजूद हजारों लोगों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हम अहिंसा के पुजारी हैं और किसी से नफरत नहीं करते। उन्होंने नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि हमें सभी से मोहब्बत है।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में यह संदेश देने की कोशिश की कि राजनीतिक विरोध के बावजूद किसी व्यक्ति के प्रति नफरत नहीं रखनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने साथ ही आरोप लगाया कि देश के संविधान और उसकी आत्मा पर हमला किया जा रहा है।
महात्मा गांधी के विचारों का किया जिक्र
राहुल गांधी ने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के हर उस व्यक्ति की रक्षा करना जरूरी है, जो समाज की सबसे आखिरी पंक्ति में खड़ा है।
उन्होंने इस विचार के माध्यम से गरीबों, कमजोर वर्गों और उन लोगों के अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया, जिनकी आवाज अक्सर सत्ता और व्यवस्था तक नहीं पहुंच पाती।
वोट चोरी के आरोपों पर BJP और CEC को घेरा
राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर BJP तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ हुआ है और लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाना उनकी लड़ाई का पहला कदम है। उन्होंने कथित वोट चोरी के मामले में कानूनी कार्रवाई की बात भी कही।
हालांकि, वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ियों से जुड़े ये विपक्ष के आरोप हैं। BJP और चुनाव आयोग इन आरोपों से असहमति जताते रहे हैं।
INDIA गठबंधन के कई बड़े नेता हुए शामिल
रामलीला मैदान में आयोजित इस रैली में INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी नेता शामिल थे।
रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची में कथित अनियमितताएं, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका रहा।
राहुल गांधी का संदेश: नफरत नहीं, संविधान की रक्षा
राहुल गांधी के भाषण का एक अहम हिस्सा अहिंसा और मोहब्बत का संदेश रहा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद किसी से नफरत नहीं करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
रामलीला मैदान से दिया गया उनका यह संदेश विपक्ष की उस राजनीतिक मुहिम का हिस्सा है, जिसमें वह कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग से जवाब मांग रहा है।




