Highlights: इस आर्टिकल में क्या है?
- LoC के पुंछ और राजौरी सेक्टर में पाकिस्तानी गोलाबारी की पूरी जानकारी।
- भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई और पाकिस्तान के नुकसान का अपडेट।
- सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति।
- रक्षा मंत्रालय और सरकार का इस गंभीर मुद्दे पर आधिकारिक स्टैंड।
- भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ वर्षों में बढ़े सीमा तनाव का विश्लेषण।
सीमा तनाव आज एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है क्योंकि पड़ोसी देश पाकिस्तान ने अपनी नापाक हरकतों से बाज न आते हुए नियंत्रण रेखा (LoC) पर सीजफायर का उल्लंघन किया है। आज, 20 फरवरी 2026 की सुबह, जब पूरा देश अपनी दैनिक दिनचर्या में व्यस्त था, तब सरहद पार से अचानक भारी गोलाबारी शुरू हो गई। इस उकसावे वाली कार्रवाई ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच के रिश्तों में कड़वाहट और सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
टाइम्सन्यूज360 की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से यह फायरिंग बिना किसी उकसावे के शुरू की गई। भारतीय सेना के सूत्रों ने कन्फर्म किया है कि पुंछ और कृष्णा घाटी सेक्टर में सुबह करीब 5:30 बजे से मोर्टार और छोटे हथियारों से फायरिंग की जा रही है। सीमा तनाव की यह स्थिति देखते हुए भारतीय सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है और दुश्मनों को उनकी ही भाषा में करारा जवाब दिया जा रहा है।
LoC पर मौजूदा स्थिति: क्या है ग्राउंड रिपोर्ट?
आज सुबह की यह घटना कोई सामान्य फायरिंग नहीं थी। पाकिस्तान ने जानबूझकर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीमा तनाव पैदा करने की एक सोची-समझी साजिश है ताकि आतंकवादियों की घुसपैठ को कवर दिया जा सके। हालांकि, भारतीय सेना की ‘ईगल आई’ सतर्कता की वजह से दुश्मन का यह प्लान पूरी तरह से फेल होता नजर आ रहा है।
राजौरी के पास के गांवों से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से दागे गए मोर्टार शेल्स खेतों में गिरे हैं, जिससे फसलों को नुकसान हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए बॉर्डर के पास के स्कूलों को बंद कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। आप इस मामले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए timesnews360.com पर लॉग इन कर सकते हैं।
भारतीय सेना का मुंहतोड़ जवाब
जब पाकिस्तान की ओर से फायरिंग तेज हुई, तो भारतीय सेना ने अपनी ‘प्रो-एक्टिव’ रणनीति के तहत जवाबी कार्रवाई शुरू की। सेना के सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की कई चौकियों को भारी नुकसान पहुंचा है। सीमा तनाव के दौरान भारतीय जवानों ने पिन-पॉइंट एक्यूरेसी के साथ उन लॉन्चर पैड्स को निशाना बनाया है, जहां से गोलाबारी की जा रही थी।
नॉर्दर्न कमांड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बयान दिया है कि “हम शांति के पक्षधर हैं, लेकिन अगर हमारी संप्रभुता और हमारे नागरिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जाएगा, तो हम चुप नहीं बैठेंगे।” इस जवाबी कार्रवाई के बाद सीमा पार से होने वाली फायरिंग की तीव्रता में कुछ कमी देखी गई है, लेकिन भारतीय सेना अभी भी हाई अलर्ट पर है।
सीमा तनाव का इतिहास और वर्तमान परिदृश्य
अगर हम पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि सीमा तनाव की घटनाएं अचानक बढ़ गई हैं। साल 2021 में हुए सीजफायर समझौते के बाद काफी समय तक शांति बनी रही थी, लेकिन 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत से ही पाकिस्तान की ओर से बार-बार उल्लंघन की खबरें आ रही हैं।
नीचे दी गई टेबल में पिछले 3 महीनों के प्रमुख संघर्ष विराम उल्लंघनों का विवरण है:
| तारीख | सेक्टर | कार्रवाई की प्रकृति | भारतीय सेना का रिस्पॉन्स |
|---|---|---|---|
| 12 जनवरी 2026 | उरी सेक्टर | स्नाइपर फायरिंग | सफल काउंटर ऑपरेशन |
| 05 फरवरी 2026 | तंगधार | मोर्टार शेलिंग | पाक चौकियों को भारी नुकसान |
| 20 फरवरी 2026 | पुंछ/राजौरी | भारी गोलाबारी | जारी है (करारा जवाब) |
आतंकवाद और घुसपैठ की कोशिशें
इंटेलिजेंस इनपुट्स के अनुसार, इस सीमा तनाव के पीछे का मुख्य उद्देश्य भारी बर्फबारी से पहले आतंकियों के जत्थों को भारतीय सीमा के अंदर धकेलना है। लॉन्च पैड्स पर सैकड़ों आतंकी मौजूद हैं जिन्हें पाकिस्तानी सेना का पूरा सपोर्ट मिल रहा है। भारतीय सेना ने घुसपैठ रोधी ग्रिड (Anti-Infiltration Grid) को और भी मजबूत कर दिया है और नाइट विजन कैमरों के जरिए हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
कूटनीतिक स्तर पर भारत की रणनीति
दिल्ली में भी इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है। रक्षा मंत्री ने आज एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है जिसमें एनएसए (NSA) और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हो सकते हैं। भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के इस दोहरे चरित्र को बेनकाब किया है। सीमा तनाव को लेकर विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा एक कड़ा विरोध पत्र (Demsrche) पाकिस्तान उच्चायोग को सौंपे जाने की संभावना है।
भारत की स्पष्ट नीति है कि “आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।” भारतीय थलसेना की मुस्तैदी ने हमेशा देश को सुरक्षित रखा है। इस बार भी भारत सरकार वैश्विक समुदाय को यह संदेश देने में जुटी है कि पाकिस्तान की हरकतें दक्षिण एशिया की शांति के लिए खतरा हैं।
स्थानीय नागरिकों का हौसला और चुनौतियां
सीमा तनाव का सबसे बुरा असर सरहद पर रहने वाले आम लोगों पर पड़ता है। राजौरी के एक स्थानीय निवासी अब्दुल मजीद ने बताया, “जैसे ही धमाकों की आवाज सुनाई दी, हम समझ गए कि पाकिस्तान ने फिर से धोखा दिया है। हम अपने बंकरों में चले गए। हमें सेना पर पूरा भरोसा है, वे हमें बचा लेंगे।”
सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए पक्के बंकरों का निर्माण करवाया है, जो ऐसे समय में जीवन रक्षक साबित हो रहे हैं। फिर भी, खेती-किसानी और बच्चों की पढ़ाई इस गोलाबारी की वजह से बुरी तरह प्रभावित होती है। प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस और इमरजेंसी सेवाओं को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
रक्षा विशेषज्ञों की राय: पाकिस्तान ऐसा क्यों कर रहा है?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के आंतरिक हालात बेहद खराब हैं। वहां की आर्थिक स्थिति और राजनीतिक अस्थिरता से जनता का ध्यान भटकाने के लिए अक्सर पाकिस्तानी सेना सीमा तनाव को बढ़ावा देती है। कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई समर्थन न मिलने के कारण पाकिस्तान अब हताशा में ऐसे कदम उठा रहा है।
इसके अलावा, भारत में होने वाले आगामी कुछ महत्वपूर्ण इवेंट्स को देखते हुए भी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान चाहता है कि भारत को सीमा पर उलझाए रखा जाए ताकि वह अपनी अन्य साजिशों को अंजाम दे सके।
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
इस बार सीमा तनाव के दौरान भारतीय सेना ने भी तकनीक का भरपूर उपयोग किया है। स्वदेशी रूप से विकसित ड्रोन्स और रडार सिस्टम के जरिए दुश्मन की लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा है। काउंटर-बैटरी रडार के इस्तेमाल से यह पता लगाना आसान हो गया है कि पाकिस्तान के किस बेस से मोर्टार दागे जा रहे हैं, जिससे भारतीय सेना की प्रतिक्रिया सटीक और विनाशकारी हो रही है।
निष्कर्ष: भारत का रुख सख्त
आज की यह घटना दर्शाती है कि सीमा तनाव को कम करने की दिशा में पाकिस्तान की ओर से कोई गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। भारतीय सेना का संकल्प अटल है और वह किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। पूरे देश की जनता इस समय अपनी सेना के साथ खड़ी है।
हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और भारतीय सेना का पराक्रम पाकिस्तान को अपनी गलतियों को सुधारने पर मजबूर करेगा। सुरक्षा बलों ने साफ कर दिया है कि जब तक फायरिंग पूरी तरह बंद नहीं होती और घुसपैठ की कोशिशें खत्म नहीं होतीं, तब तक उनकी कार्रवाई जारी रहेगी। सीमा तनाव की हर अपडेट के लिए जुड़े रहें टाइम्सन्यूज360 के साथ।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट 20 फरवरी 2026 की ताजा घटनाक्रमों पर आधारित है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों और रक्षा मंत्रालय के बुलेटिन पर नजर रखें।
