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स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर शुगर, थायराइड और किडनी की बीमारियों को कहें अलविदा: TimesNews360 Special

  • Highlights: इस आर्टिकल में क्या है?
  • शुगर और डायबिटीज कंट्रोल करने के इफेक्टिव तरीके।
  • थायराइड पेशेंट्स के लिए डाइट और वर्कआउट प्लान।
  • किडनी हेल्थ के लिए लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव।
  • स्ट्रेस मैनेजमेंट और मेंटल हेल्थ का फिजिकल बीमारियों से कनेक्शन।
  • एक्सपर्ट्स की राय और डेली रूटीन चार्ट।

स्वस्थ जीवनशैली आज के समय में सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि लंबी उम्र जीने की एक बड़ी जरूरत बन गई है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस का प्रेशर, और फास्ट फूड के बढ़ते चलन ने हमारे शरीर को बीमारियों का घर बना दिया है। शुगर (Diabetes), थायराइड (Thyroid), और किडनी (Kidney) की बीमारियां अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही हैं, बल्कि युवाओं में भी तेजी से पैर पसार रही हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दवाइयों से ज्यादा एक स्वस्थ जीवनशैली इन बीमारियों को मैनेज करने और उनसे बचने में मददगार साबित हो सकती है?

1. शुगर (Diabetes) और स्वस्थ जीवनशैली का गहरा कनेक्शन

आजकल हर दूसरे घर में शुगर का मरीज मिल जाता है। खराब खान-पान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण टाइप-2 डायबिटीज एक महामारी की तरह फैल रही है। एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर आप अपने ब्लड शुगर लेवल को नेचुरल तरीके से कंट्रोल कर सकते हैं।

शुगर को मैनेज करने के लिए ‘लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स’ वाले फूड्स का सेवन करना चाहिए। आपको अपनी डाइट में साबुत अनाज, हरी सब्जियां और फाइबर युक्त फल शामिल करने चाहिए। चीनी, मैदा और प्रोसेस्ड जूस से पूरी तरह दूरी बनाना ही समझदारी है। इसके साथ ही, रोजाना कम से कम 30-45 मिनट की वॉक या एक्सरसाइज आपके इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारती है। अगर आप TimesNews360 के हेल्थ अपडेट्स फॉलो करते हैं, तो आपको पता होगा कि समय-समय पर ग्लूकोज चेक करना कितना जरूरी है।

2. थायराइड मैनेजमेंट: डाइट और एक्सरसाइज का रोल

थायराइड एक ऐसी बीमारी है जो आपके मेटाबॉलिज्म को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। चाहे वो हाइपोथायरायडिज्म हो या हाइपरथायरायडिज्म, दोनों ही मामलों में स्वस्थ जीवनशैली ही सबसे बड़ा हथियार है। थायराइड के मरीजों को अक्सर थकान और वजन बढ़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

इसे कंट्रोल करने के लिए आयोडीन युक्त नमक, सेलेनियम और जिंक वाली चीजें अपनी डाइट में शामिल करें। सुबह की धूप लेना और योग (खासकर उज्जायी प्राणायाम और सर्वांगासन) थायराइड ग्लैंड की फंक्शनिंग को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। स्ट्रेस कम करने के लिए मेडिटेशन करें, क्योंकि तनाव हार्मोनल इम्बैलेंस का मुख्य कारण होता है।

3. किडनी हेल्थ: प्रिवेंशन ही बेस्ट क्योर है

किडनी हमारे शरीर का फिल्टर सिस्टम है। जब हमें शुगर या हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां होती हैं, तो इसका सीधा असर हमारी किडनी पर पड़ता है। एक स्वस्थ जीवनशैली का पालन करके हम क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) के रिस्क को कम कर सकते हैं। किडनी रोग के बारे में अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है।

किडनी को सुरक्षित रखने के लिए नमक का सेवन कम करें, क्योंकि ज्यादा सोडियम ब्लड प्रेशर बढ़ाता है जो किडनी के लिए हानिकारक है। इसके अलावा, दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन अगर आपको पहले से ही किडनी की समस्या है, तो पानी की मात्रा के लिए डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें। पेनकिलर्स का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किडनी फेलियर की बड़ी वजह बनता है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।

बीमारियों से लड़ने के लिए डेली रूटीन टेबल

बीमारीक्या खाएं?क्या न खाएं?जरूरी एक्सरसाइज
शुगरकरेला, मेथी, जामुन, चिया सीड्समिठाई, सफेद ब्रेड, आलूब्रिस्क वॉकिंग, साइकिलिंग
थायराइडअखरोट, मछली, ताजी सब्जियांसोया प्रोडक्ट्स, फूलगोभी, मैदाप्राणायाम, योग, हल्की रनिंग
किडनीसेब, शिमला मिर्च, प्याजज्यादा नमक, रेड मीट, अचारस्ट्रेचिंग, योग

4. स्वस्थ जीवनशैली के लिए 5 गोल्डन रूल्स

स्वस्थ जीवनशैली रातों-रात नहीं बनती, इसके लिए लगातार कोशिशों की जरूरत होती है। यहां कुछ ऐसे टिप्स दिए गए हैं जिन्हें आप आज से ही फॉलो कर सकते हैं:

  1. पर्याप्त नींद: शरीर को रिपेयर करने के लिए 7-8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है।
  2. हाइड्रेशन: शरीर के टॉक्सिन्स निकालने के लिए पानी पीना न भूलें।
  3. पॉजिटिव माइंडसेट: नेगेटिविटी से बचें और अपनी हॉबीज के लिए समय निकालें।
  4. नियमित हेल्थ चेकअप: साल में कम से कम एक बार फुल बॉडी चेकअप जरूर कराएं।
  5. नेचुरल डाइट: पैकेट बंद फूड और जंक फूड को ‘नो’ कहें।

5. लाइफस्टाइल बदलाव का लॉन्ग-टर्म फायदा

जब आप एक स्वस्थ जीवनशैली को अपनाते हैं, तो इसका असर न केवल आपके शरीर पर बल्कि आपके दिमाग और पर्सनालिटी पर भी दिखता है। शुगर और थायराइड जैसी बीमारियां जो कभी लाइलाज मानी जाती थीं, अब सही लाइफस्टाइल मैनेजमेंट से पूरी तरह कंट्रोल की जा सकती हैं। रिसर्च बताती है कि जो लोग एक्टिव रहते हैं और सही न्यूट्रिशन लेते हैं, उनमें किडनी की समस्याओं का खतरा 40% तक कम हो जाता है।

6. योग और मेडिटेशन का महत्व

भारतीय संस्कृति में योग को बीमारियों का दुश्मन माना गया है। आज दुनिया भर के डॉक्टर्स मान रहे हैं कि स्वस्थ जीवनशैली में योग का समावेश बहुत जरूरी है। सूर्य नमस्कार से लेकर अनुलोम-विलोम तक, हर आसन हमारे इंटरनल ऑर्गन्स को मजबूती देता है। अगर आप शुगर के पेशेंट हैं, तो मंडूकासन आपके पैंक्रियाज को एक्टिवेट करने में मदद कर सकता है।

निष्कर्ष

अंत में, यह समझना जरूरी है कि दवाइयां सिर्फ लक्षणों का इलाज करती हैं, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली बीमारी की जड़ पर प्रहार करती है। चाहे वो शुगर हो, थायराइड हो या किडनी की समस्या, अगर आपकी आदतें अच्छी हैं, तो आप एक क्वालिटी लाइफ जी सकते हैं। याद रखें, आपका शरीर ही आपकी सबसे बड़ी संपत्ति है, इसकी देखभाल में कोई कोताही न बरतें।

अगली बार जब आप कोई अनहेल्दी फूड उठाएं या एक्सरसाइज स्किप करने का सोचें, तो याद रखें कि एक स्वस्थ जीवनशैली ही आपको भविष्य की बड़ी मुश्किलों से बचा सकती है। स्वस्थ रहें, मस्त रहें और TimesNews360 के साथ अपडेट रहें।

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