Highlights: इस आर्टिकल में क्या है?
- आदिलपुर कॉलेज में आयोजित विशेष स्वास्थ्य जागरूकता सेमिनार की पूरी रिपोर्ट।
- वेस्टीज कंपनी के एक्सपर्ट डॉक्टर्स द्वारा दी गई हेल्थ एडवाइज।
- आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में बीमारियों से बचने के प्रैक्टिकल तरीके।
- सप्लीमेंट्स और बैलेंस्ड डाइट का महत्व।
- छात्रों और युवाओं के लिए मेंटल हेल्थ और फिजिकल फिटनेस के टिप्स।
स्वास्थ्य जागरूकता आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है, खासकर युवाओं के लिए जो अपनी बिजी लाइफस्टाइल और अनहेल्दी ईटिंग हैबिट्स के कारण कई बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में आदिलपुर कॉलेज के कैंपस में एक भव्य स्वास्थ्य सेमिनार का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में वेस्टीज (Vestige) कंपनी के अनुभवी डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने शिरकत की और स्टूडेंट्स के साथ-साथ फैकल्टी मेंबर्स को स्वस्थ रहने के बेहतरीन गुर सिखाए। TimesNews360 की इस खास रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि इस इवेंट में कौन-कौन सी मुख्य बातें शेयर की गईं और कैसे आप अपनी डेली लाइफ में छोटे बदलाव करके एक हेल्दी लाइफ जी सकते हैं।
आदिलपुर कॉलेज में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्रिंसिपल और वेस्टीज के सीनियर मेडिकल कंसल्टेंट द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस सेशन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह समझाना था कि पढ़ाई के साथ-साथ शरीर का ध्यान रखना क्यों जरूरी है। सेमिनार में मौजूद डॉक्टर्स ने बताया कि आजकल के यूथ में बढ़ता मोटापा, स्ट्रेस और थकान का मुख्य कारण न्यूट्रिशन की कमी है।
वेस्टीज के एक्सपर्ट्स ने अपने संबोधन में कहा कि हम जो खाना खाते हैं, उसमें अब वो पहले जैसी ताकत नहीं रही। पेस्टिसाइड्स और केमिकल के बढ़ते इस्तेमाल ने हमारे भोजन की क्वालिटी को गिरा दिया है। ऐसे में स्वास्थ्य जागरूकता ही वह एकमात्र रास्ता है जिससे हम खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप Wikipedia पर स्वास्थ्य के विभिन्न मानकों को देख सकते हैं।
मॉडर्न लाइफस्टाइल और बीमारियों का खतरा
आज की जनरेशन ‘फास्ट फूड’ और ‘स्क्रीन टाइम’ के जाल में फंसी हुई है। सेमिनार के दौरान डॉक्टर ने एक प्रेजेंटेशन के जरिए दिखाया कि कैसे लगातार घंटों तक मोबाइल का इस्तेमाल और फिजिकल एक्टिविटी की कमी हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को खराब कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जागरूकता का मतलब सिर्फ बीमार होने पर डॉक्टर के पास जाना नहीं है, बल्कि बीमार न पड़ने के लिए पहले से तैयारी करना है।
डॉक्टर्स ने लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों (Lifestyle Diseases) जैसे कि डायबिटीज, थायराइड और हाई ब्लड प्रेशर पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि ये बीमारियां अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही हैं, बल्कि 20-25 साल के युवाओं में भी देखी जा रही हैं। अगर आप भी अपनी सेहत को लेकर गंभीर हैं, तो हमारी वेबसाइट TimesNews360 पर हेल्थ से जुड़े अन्य लेख जरूर पढ़ें।
वेस्टीज के डॉक्टर्स की खास सलाह: सप्लीमेंट्स का महत्व
सेमिनार के एक महत्वपूर्ण हिस्से में वेस्टीज कंपनी के डॉक्टर्स ने ‘सेल्यूलर नरिशमेंट थेरेपी’ (Cellular Nourishment Therapy) के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि हमारे शरीर की बुनियादी इकाई कोशिकाएं (Cells) हैं। अगर हमारी कोशिकाएं स्वस्थ रहेंगी, तो हमारा पूरा शरीर स्वस्थ रहेगा। स्वास्थ्य जागरूकता के इस मंच से उन्होंने बताया कि कैसे वेस्टीज के सप्लीमेंट्स जैसे स्पिरुलिना, नोनी और एलोवेरा हमारे इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मदद कर सकते हैं।
सेहतमंद रहने के लिए जरूरी टिप्स (Table)
| कैटेगरी | डॉक्टर की सलाह | फायदा |
|---|---|---|
| डाइट (Diet) | जंक फूड छोड़ें, फल और सब्जियां बढ़ाएं | बेहतर पाचन और एनर्जी |
| एक्सरसाइज (Exercise) | रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या योग | हार्ट हेल्थ और फ्लेक्सिबिलिटी |
| नींद (Sleep) | 7-8 घंटे की गहरी नींद लें | मेंटल क्लेरिटी और रिकवरी |
| पानी (Water) | दिन में 3-4 लीटर पानी पिएं | बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन |
मेंटल हेल्थ: स्वास्थ्य जागरूकता का एक अहम पहलू
अक्सर जब हम हेल्थ की बात करते हैं, तो सिर्फ शरीर पर ध्यान देते हैं, लेकिन दिमाग की सेहत भी उतनी ही जरूरी है। आदिलपुर कॉलेज के इस प्रोग्राम में स्वास्थ्य जागरूकता के तहत मेंटल वेलबीइंग पर भी जोर दिया गया। डॉक्टर्स ने छात्रों को मेडिटेशन करने और सोशल मीडिया से बीच-बीच में ब्रेक लेने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि एग्जाम स्ट्रेस और करियर की चिंता को कैसे मैनेज किया जाए।
वेस्टीज के एक्सपर्ट ने कहा, “एक स्वस्थ दिमाग ही एक स्वस्थ शरीर का निर्माण कर सकता है। अगर आप तनाव में हैं, तो आप कितना भी अच्छा खाना खा लें, वह आपके शरीर को नहीं लगेगा।” इसलिए, स्वास्थ्य जागरूकता के इस अभियान में खुश रहने और पॉजिटिव एटीट्यूड रखने को भी एक ‘हेल्थ टॉनिक’ बताया गया।
वेस्टीज का विजन और समाज में बदलाव
वेस्टीज कंपनी न केवल प्रोडक्ट्स बेचती है, बल्कि वह स्वास्थ्य जागरूकता के माध्यम से समाज में एक बड़ा बदलाव लाने का प्रयास कर रही है। कॉलेज के छात्रों को संबोधित करते हुए डॉक्टर्स ने कहा कि आने वाला समय प्रिवेंटिव हेल्थकेयर का है। लोग अब इलाज से ज्यादा बचाव पर ध्यान दे रहे हैं। कॉलेज के प्रिंसिपल ने वेस्टीज की टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह के प्रोग्राम्स से छात्रों का कॉन्फिडेंस बढ़ता है और उन्हें अपनी बॉडी की जरूरतों के बारे में पता चलता है।
छात्रों के सवाल और एक्सपर्ट्स के जवाब
सेमिनार के अंत में एक Q&A सेशन भी रखा गया। एक छात्र ने पूछा, “क्या सप्लीमेंट्स लेना सुरक्षित है?” इस पर वेस्टीज के डॉक्टर ने बहुत ही खूबसूरती से जवाब दिया कि सप्लीमेंट्स कोई दवाई नहीं हैं, बल्कि वे उस पोषण की कमी को पूरा करते हैं जो हमें हमारे रेगुलर खाने से नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य जागरूकता का यही उद्देश्य है कि लोग सही और गलत के बीच का अंतर समझ सकें।
एक अन्य छात्रा ने स्किन केयर और बालों की झड़ने की समस्या पर सवाल किया। डॉक्टर ने बताया कि बाहरी सुंदरता के लिए अंदरूनी पोषण बहुत जरूरी है। उन्होंने विटामिन सी और बायोटिन के महत्व पर प्रकाश डाला। इस तरह के इंटरेक्टिव सेशन ने छात्रों के मन में दबी कई शंकाओं को दूर किया।
निष्कर्ष: स्वास्थ्य जागरूकता ही सफलता की कुंजी है
कुल मिलाकर, आदिलपुर कॉलेज में आयोजित यह प्रोग्राम बेहद सफल रहा। स्वास्थ्य जागरूकता की यह लहर न केवल कॉलेज तक सीमित रहनी चाहिए, बल्कि इसे हर घर तक पहुंचना चाहिए। वेस्टीज के डॉक्टर्स ने यह साबित कर दिया कि अगर हमारे पास सही जानकारी हो, तो हम एक लंबी और रोगमुक्त जिंदगी जी सकते हैं।
आर्टिकल के अंत में हम यही कहेंगे कि अपनी सेहत को प्रायोरिटी (Priority) दें। याद रखें, ‘पहला सुख निरोगी काया’। इस तरह के और भी इंफॉर्मेटिव आर्टिकल्स पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट TimesNews360 के साथ जुड़े रहें और इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें। स्वास्थ्य जागरूकता को अपनाएं और एक खुशहाल भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं।
