Highlights: इस आर्टिकल में क्या है?
- विसरल फैट क्या है और यह साधारण चर्बी से कैसे अलग है?
- लिवर और पेट के अंगों पर विसरल फैट का जानलेवा असर।
- एक्सपर्ट्स द्वारा सुझाया गया 7-दिवसीय डाइट चार्ट।
- लाइफस्टाइल में बदलाव के लिए जरूरी टिप्स और ट्रिक्स।
विसरल फैट (Visceral Fat) आज के समय में एक साइलेंट किलर बन चुका है। अक्सर हम शीशे में अपनी बढ़ी हुई तोंद देखकर उसे सिर्फ खूबसूरती के नजरिए से आंकते हैं, लेकिन असल खतरा आपकी स्किन के नीचे नहीं, बल्कि आपके शरीर के अंदरूनी अंगों के आसपास छिपा होता है। जब आपके पेट के अंदर मौजूद लिवर, आंतों और अन्य नाजुक अंगों के चारों ओर चर्बी जमा होने लगती है, तो इसे ही मेडिकल भाषा में विसरल फैट कहा जाता है। यह फैट न केवल आपके मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ता है, बल्कि टाइप-2 डायबिटीज और फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारियों का न्योता भी देता है।
टाइम्स न्यूज 360 के इस खास हेल्थ एनालिसिस में हम गहराई से समझेंगे कि आखिर क्यों विसरल फैट हमारे लिए इतना खतरनाक है और कैसे एक सही डाइट चार्ट और अनुशासन के जरिए इसे पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
क्या है विसरल फैट और यह इतना डरावना क्यों है?
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि शरीर पर दिखने वाली हर चर्बी एक जैसी होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। हमारे शरीर में दो तरह के फैट होते हैं: सबक्यूटेनियस (Subcutaneous) और विसरल। सबक्यूटेनियस फैट वह है जिसे आप अपनी उंगलियों से चुटकी में पकड़ सकते हैं (जैसे हाथों या जांघों की चर्बी)। वहीं, विसरल फैट आपके पेट की मांसपेशियों के काफी अंदर होता है, जो बाहर से भले ही सख्त लगे, लेकिन अंदरूनी अंगों को जकड़ लेता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह फैट ‘एक्टिव फैट’ की तरह व्यवहार करता है। यह शरीर में खतरनाक हार्मोन और इंफ्लेमेटरी केमिकल्स रिलीज करता है। जब विसरल फैट की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह सीधे आपके लिवर के फंक्शन को प्रभावित करता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा होता है और आगे चलकर दिल की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आप World Health Guidelines पर भी नजर डाल सकते हैं।
लिवर और पाचन तंत्र पर विसरल फैट का प्रहार
जब हम ज्यादा कैलोरी और खराब फैट वाला खाना खाते हैं, तो हमारा शरीर उसे स्टोर करना शुरू कर देता है। लिवर हमारे शरीर का मुख्य प्रोसेसिंग यूनिट है। अगर विसरल फैट ज्यादा हो जाए, तो लिवर के आसपास ‘फैटी लेयर’ जम जाती है। इससे ‘नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज’ (NAFLD) होने का डर रहता है। अगर समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए, तो यह लिवर सिरोसिस तक ले जा सकता है। इसके अलावा, यह फैट पेट के अंदर दबाव बनाता है, जिससे एसिडिटी, ब्लोटिंग और कब्ज जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
विसरल फैट कम करने के लिए एक्सपर्ट डाइट चार्ट
एक्सपर्ट्स का मानना है कि विसरल फैट को केवल जिम जाकर ही नहीं घटाया जा सकता; इसके लिए 70% योगदान आपकी डाइट का होता है। नीचे दिए गए डाइट चार्ट को फॉलो करके आप काफी बदलाव महसूस कर सकते हैं।
| समय | क्या खाएं/पिएं |
|---|---|
| सुबह खाली पेट | गुनगुने पानी में नींबू और अदरक का रस या मेथी दाना पानी। |
| ब्रेकफास्ट (8:30 AM) | ओट्स, दलिया, या बिना तेल वाला मूंग दाल चीला। साथ में 2 उबले अंडे (सफेद हिस्सा)। |
| मिड-मॉर्निंग स्नैक | एक मौसमी फल (सेब, पपीता या संतरा) या मुट्ठी भर भुने हुए चने। |
| लंच (1:30 PM) | 2 मल्टीग्रेन रोटी, एक कटोरी हरी सब्जी, एक कटोरी दाल और खूब सारा सलाद। |
| शाम की चाय | बिना चीनी वाली ग्रीन टी और 4-5 बादाम या अखरोट। |
| डिनर (7:30 PM) | बहुत हल्का खाना – लौकी की सब्जी, सूप या ग्रिल्ड पनीर/चिकन। |
| सोने से पहले | एक कप हल्दी वाला दूध (बिना मलाई)। |
अगर आप अपनी सेहत को लेकर गंभीर हैं, तो हमारी वेबसाइट TimesNews360 पर ऐसे ही लाइफस्टाइल और हेल्थ अपडेट्स पढ़ते रहें।
इन 5 चीजों को आज ही अपनी रसोई से बाहर करें
विसरल फैट घटाने की पहली शर्त है ‘हटाना’। जब तक आप जहरीली चीजें बंद नहीं करेंगे, नई डाइट काम नहीं करेगी:
- रिफाइंड शुगर: चीनी सीधे तौर पर पेट की चर्बी बढ़ाती है। कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाई और पैकेट वाले जूस को टाटा कहें।
- मैदा और व्हाइट ब्रेड: ये चीजें शरीर में जाकर ग्लूटेन और शुगर का लेवल बढ़ाती हैं, जो आसानी से फैट में बदल जाता है।
- ट्रांस फैट: बाहर का समोसा, कचोरी या फ्राइड फूड्स विसरल फैट के सबसे बड़े दोस्त हैं।
- शराब: ‘बियर बेली’ कोई मिथक नहीं है। अल्कोहल लिवर की फैट बर्निंग क्षमता को ब्लॉक कर देता है।
- जरूरत से ज्यादा नमक: नमक शरीर में वाटर रिटेंशन बढ़ाता है, जिससे आप फूला हुआ महसूस करते हैं।
एक्सपर्ट की खास सलाह: विसरल फैट कम करने के सीक्रेट्स
सिर्फ खाना ही काफी नहीं है, विसरल फैट को टारगेट करने के लिए कुछ साइंटिफिक तरीके भी अपनाने होंगे:
1. सॉल्युबल फाइबर का बढ़ाएं सेवन
अलसी के बीज, दालें और फलियां सॉल्युबल फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं। यह फाइबर पानी के साथ मिलकर एक जेल जैसा पदार्थ बनाता है जो डाइजेशन को धीमा करता है। इससे आप लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करते हैं और विसरल फैट कम होने लगता है।
2. प्रोटीन की शक्ति
प्रोटीन मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। जब आप हाई प्रोटीन डाइट लेते हैं, तो शरीर PYY नामक हार्मोन रिलीज करता है, जो भूख को कम करता है। पनीर, सोयाबीन और अंडे इसके अच्छे विकल्प हैं।
3. तनाव और नींद का कनेक्शन
क्या आप जानते हैं कि कम सोने से भी विसरल फैट बढ़ता है? जब हम तनाव में होते हैं, तो शरीर ‘कोर्टिसोल’ (Cortisol) हार्मोन बनाता है। रिसर्च कहती है कि हाई कोर्टिसोल सीधे पेट की चर्बी को स्टोर करने का काम करता है। कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है।
वर्कआउट: कार्डियो या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग?
विसरल फैट को पिघलाने के लिए केवल क्रंचेस (Crunches) लगाने से काम नहीं चलेगा। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि ‘ब्रिस्क वॉकिंग’ (तेज चलना) और ‘HIIT’ (High-Intensity Interval Training) सबसे ज्यादा असरदार हैं। रोजाना 30 मिनट की एरोबिक एक्सरसाइज आपके मेटाबॉलिज्म को उस लेवल पर ले जा सकती है जहां शरीर अपने आप अंदरूनी चर्बी का इस्तेमाल ईंधन की तरह करने लगता है।
निष्कर्ष: एक नई शुरुआत
विसरल फैट को कम करना कोई रातों-रात होने वाला चमत्कार नहीं है, बल्कि यह एक लंबी प्रक्रिया है। अपनी थाली में बदलाव, रोज आधा घंटा पसीना बहाना और मानसिक शांति—ये तीन स्तंभ आपको एक स्वस्थ लिवर और सपाट पेट की ओर ले जाएंगे। याद रखें, आपकी सेहत ही आपकी असली संपत्ति है। आज ही इस डाइट चार्ट को अपनाएं और अपने शरीर के अंदरूनी अंगों को फिर से जीवंत करें।
देश-दुनिया की ताजा खबरों और सेहत से जुड़ी ऐसी ही गहराई भरी जानकारियों के लिए जुड़े रहें TimesNews360 के साथ।
