Highlights: इस आर्टिकल में क्या है?
- दुनिया के टॉप 10 सबसे शिक्षित देशों की लिस्ट।
- रैंकिंग तय करने वाले मुख्य मापदंड (Criteria)।
- OECD की रिपोर्ट और टर्शियरी एजुकेशन का महत्व।
- इन देशों के एजुकेशन सिस्टम की खासियतें।
- भारत के लिए इन देशों से सीखने वाली बातें।
दुनिया के सबसे शिक्षित देश और उनकी सफलता का राज
शिक्षित देश सिर्फ वो नहीं होते जहाँ की साक्षरता दर (Literacy Rate) 100% हो, बल्कि असली मायने में शिक्षित वो हैं जहाँ के नागरिक उच्च शिक्षा (Higher Education) और स्किल-बेस्ड लर्निंग में ग्लोबल लेवल पर लीड करते हैं। जब हम ग्लोबल एजुकेशन रैंकिंग की बात करते हैं, तो अक्सर लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं कि आखिर ये रैंकिंग कैसे तय होती है? क्या ये सिर्फ स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या है या कुछ और? आज TimesNews360 के इस खास आर्टिकल में हम दुनिया के 10 सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे देशों के बारे में विस्तार से जानेंगे और समझेंगे कि आखिर ये देश इस लिस्ट में टॉप पर कैसे पहुंचे।
एजुकेशन किसी भी देश की तरक्की की रीढ़ होती है। OECD (Organisation for Economic Co-operation and Development) के हालिया डेटा और वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू की रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिक्षित देश की लिस्ट में वो मुल्क शामिल हैं जिन्होंने अपनी जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा शिक्षा पर इन्वेस्ट किया है। यहाँ टर्शियरी एजुकेशन (कॉलेज या यूनिवर्सिटी लेवल की डिग्री) प्राप्त करने वाले वयस्कों की संख्या सबसे अधिक है।
कैसे तय होती है ग्लोबल रैंकिंग?
किसी भी देश को शिक्षित देश घोषित करने के लिए कई जटिल फैक्टर्स का इस्तेमाल किया जाता है। यहाँ कुछ मुख्य मापदंड दिए गए हैं:
| मापदंड (Criteria) | विवरण (Description) |
|---|---|
| टर्शियरी एजुकेशन रेट | 25 से 64 वर्ष की आयु के कितने प्रतिशत लोगों के पास डिग्री है। |
| पब्लिक फंडिंग | सरकार अपनी जीडीपी का कितना हिस्सा एजुकेशन पर खर्च करती है। |
| स्किल डेवलपमेंट | क्या वहां की पढ़ाई जॉब मार्केट की डिमांड के हिसाब से है? |
| रिसर्च और इनोवेशन | देश में कितनी पेटेंट फाइलिंग और रिसर्च पेपर पब्लिश होते हैं। |
दुनिया के 10 सबसे शिक्षित देश: पूरी लिस्ट
यहाँ दुनिया के उन देशों की लिस्ट दी गई है जो आज ग्लोबल एजुकेशन हब बन चुके हैं।
1. कनाडा (Canada)
कनाडा दुनिया का सबसे शिक्षित देश माना जाता है। यहाँ की लगभग 60% वयस्क आबादी के पास कॉलेज या यूनिवर्सिटी की डिग्री है। कनाडा के एजुकेशन सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसका समावेशी (Inclusive) होना है। यहाँ न केवल लोकल स्टूडेंट्स बल्कि इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए भी बेहतरीन सुविधाएं हैं। कनाडा की सरकार अपनी जीडीपी का बड़ा हिस्सा प्राइमरी और सेकेंडरी एजुकेशन में लगाती है ताकि बच्चों की नींव मजबूत रहे।
2. जापान (Japan)
जापान अपनी तकनीक के साथ-साथ अपनी शिक्षा व्यवस्था के लिए भी जाना जाता है। जापान को एक शिक्षित देश के रूप में स्थापित करने में वहां के सख्त अनुशासन और वैल्यू-बेस्ड एजुकेशन का बड़ा हाथ है। यहाँ की टर्शियरी एजुकेशन रेट लगभग 53% है। जापान में वोकेशनल ट्रेनिंग पर काफी जोर दिया जाता है, जिससे छात्र पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री के लिए तैयार हो जाते हैं।
3. लक्ज़मबर्ग (Luxembourg)
यूरोप का यह छोटा सा देश शिक्षा के मामले में बड़े-बड़े मुल्कों को टक्कर देता है। लक्ज़मबर्ग की प्रति व्यक्ति आय अधिक होने के कारण यहाँ की सरकार शिक्षा पर भारी खर्च करती है। यह एक ऐसा शिक्षित देश है जहाँ मल्टीलिंग्वल (बहुभाषी) शिक्षा पर जोर दिया जाता है, जिससे यहाँ के छात्र ग्लोबल मार्केट में आसानी से फिट हो जाते हैं।
4. दक्षिण कोरिया (South Korea)
अगर हम कॉम्पिटिटिव एजुकेशन की बात करें, तो साउथ कोरिया का नाम सबसे ऊपर आता है। यहाँ के छात्र दुनिया में सबसे ज्यादा मेहनत करने वाले माने जाते हैं। साउथ कोरिया को एक टॉप शिक्षित देश बनाने में वहां की यूनिवर्सिटीज का बड़ा योगदान है। यहाँ की डिग्री को दुनिया भर में सम्मान की नजर से देखा जाता है, खासकर टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में।
5. इजराइल (Israel)
इजराइल अपनी डिफेंस और टेक इनोवेशन के लिए जाना जाता है, लेकिन इसकी जड़ें उसकी शिक्षा में हैं। इजराइल एक ऐसा शिक्षित देश है जहाँ बचपन से ही क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग सिखाई जाती है। यहाँ की लगभग 50% आबादी उच्च शिक्षा प्राप्त है। आप इजराइल की एजुकेशन और रिसर्च के बारे में अधिक जानकारी Wikipedia पर पढ़ सकते हैं।
6. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
भले ही अमेरिका इस लिस्ट में नंबर 1 पर न हो, लेकिन दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज (जैसे हार्वर्ड, एमआईटी, स्टैनफोर्ड) यहीं हैं। अमेरिका को एक शिक्षित देश के रूप में उसकी रिसर्च फैसिलिटीज और फ्लेक्सिबल करिकुलम मजबूती देते हैं। यहाँ दुनिया भर से लोग पढ़ने आते हैं, जो इसके एजुकेशन इकोसिस्टम को और भी रिच बनाता है।
7. आयरलैंड (Ireland)
आयरलैंड ने पिछले कुछ दशकों में अपनी शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। आयरलैंड की सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स कम करने के साथ-साथ स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने पर ध्यान दिया। आज यह एक प्रमुख शिक्षित देश है जहाँ टेक और फार्मास्युटिकल सेक्टर के लिए बेहतरीन टैलेंट तैयार किया जाता है।
8. यूनाइटेड किंगडम (UK)
ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज की धरती, यूके, हमेशा से शिक्षा का केंद्र रही है। यूके का एजुकेशन सिस्टम अपनी क्वालिटी एश्योरेंस के लिए जाना जाता है। यहाँ की डिग्री की ग्लोबल क्रेडिबिलिटी बहुत ज्यादा है, जो इसे दुनिया का एक पावरफुल शिक्षित देश बनाती है।
9. ऑस्ट्रेलिया (Australia)
ऑस्ट्रेलिया का नाम टॉप 10 में आना लाजिमी है। यहाँ की यूनिवर्सिटीज न केवल रिसर्च में आगे हैं बल्कि यहाँ का लाइफस्टाइल और पढ़ाई का माहौल अंतरराष्ट्रीय छात्रों को बहुत आकर्षित करता है। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पॉलिसीज को इस तरह डिजाइन किया है कि वह एक प्रमुख शिक्षित देश के रूप में उभरा है।
10. फिनलैंड (Finland)
फिनलैंड का जिक्र किए बिना यह लिस्ट अधूरी है। हालांकि रैंकिंग में यह कभी ऊपर-नीचे हो सकता है, लेकिन दुनिया का सबसे बेहतरीन एजुकेशन मॉडल फिनलैंड का ही माना जाता है। यहाँ छात्रों पर परीक्षा का कोई दबाव नहीं होता और ‘प्ले-वे’ मेथड से पढ़ाई कराई जाती है। फिनलैंड एक ऐसा शिक्षित देश है जहाँ शिक्षकों को सबसे ज्यादा सम्मान और सैलरी दी जाती है।
एजुकेशन रैंकिंग का भारत पर प्रभाव
भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है। हालांकि हम अभी टॉप 10 शिक्षित देश की लिस्ट में शामिल नहीं हैं, लेकिन ‘नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020)’ के आने के बाद से भारत में काफी बदलाव देखे जा रहे हैं। हमें इन टॉप देशों से यह सीखने की जरूरत है कि कैसे शिक्षा को सिर्फ रट्टा मारने के बजाय स्किल-ओरिएंटेड बनाया जाए। डिजिटल रिवॉल्यूशन के इस दौर में, भारत अपनी एड-टेक इंडस्ट्री के जरिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। अधिक जानकारी के लिए आप TimesNews360 के अन्य एजुकेशन आर्टिकल्स पढ़ सकते हैं।
निष्कर्ष: भविष्य की राह
दुनिया के टॉप 10 शिक्षित देश हमें यह सिखाते हैं कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह देश की इकॉनमी और समाज की मानसिकता को बदलने का सबसे शक्तिशाली टूल है। कनाडा की इंक्लूसिविटी, जापान का अनुशासन, और फिनलैंड की इनोवेशन – इन सबको मिलाकर ही एक आदर्श शिक्षा व्यवस्था बनती है। ग्लोबल रैंकिंग में ऊपर आने के लिए क्वालिटी, एक्सेसिबिलिटी और अफोर्डेबिलिटी का होना अनिवार्य है।
उम्मीद है कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। अगर आप भी किसी ऐसे देश में पढ़ने का सपना देख रहे हैं, तो उनकी रैंकिंग के साथ-साथ वहां के कल्चर और जॉब मार्केट को भी जरूर समझें। शिक्षा ही वो निवेश है जिसका रिटर्न सबसे अधिक मिलता है।



